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KVS Summer Vacation 2021: KV Schools started Summer Vacation in its school – KVS Summer Vacation 2021: केंद्रीय विद्यालयों में गर्मियों की छुट्टियां शुरू, 20 जून को खुलेंगे स्कूल

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KVS Summer Vacation 2021: KV Schools started Summer Vacation in its school – KVS Summer Vacation 2021: केंद्रीय विद्यालयों में गर्मियों की छुट्टियां शुरू, 20 जून को खुलेंगे स्कूल


KVS Summer Vacation 2021: KV Schools started Summer Vacation in its school – KVS Summer Vacation 2021: केंद्रीय विद्यालयों में गर्मियों की छुट्टियां शुरू, 20 जून को खुलेंगे स्कूल

KVS Summer Vacation 2021: केंद्रीय विद्यालयों में गर्मियों की छुट्टियां शुरू हो गई हैं.

नई दिल्ली:

KVS Summer Vacation 2021: केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) ने कोविड-19 मामलों में वृद्धि के कारण अपने स्कूलों के लिए गर्मी की छुट्टियों की शुरुआत समय से पहले ही कर दी है. स्कूल 3 मई को बंद कर दिए गए थे और अब 20 जून को खुलेंगे. जानकारी के मुताबिक, 49 दिनों की संशोधित गर्मी की छुट्टियों का कार्यक्रम केवल गर्म क्षेत्रों के स्कूलों द्वारा ही फॉलो किया जाएगा. ये ठंडे क्षेत्रों में मान्य नहीं होगा.

KVS ने एक अधिसूचना में कहा , “कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर गर्म क्षेत्रों में स्थित सभी स्कूलों के लिए गर्मी की छुट्टियों की अवधि बदल दी गई है.”

इन जगहों पर होंगी गर्मियों की छुट्टियां

दिल्ली, आगरा, गुरुग्राम, जयपुर, जम्मू, लखनऊ, पटना, गुवाहाटी, देहरादून, कोलकाता, चंडीगढ़, रांची, सिलचर, तिनसुकिया, वाराणसी, अहमदाबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, एर्नाकुलम, हैदराबाद, जबलपुर, मुंबई, रायपुर, भुवनेश्वर और भोपाल में स्थित केंद्रीय विद्यालयों के लिए गर्मियों की छुट्टियों की घोषणा की गई है.

बता दें कि केंद्रीय विद्यालय संगठन ने सीबीएसई कक्षा 10वीं के परिणाम तैयार करने वाले अपने शिक्षकों के लिए अलग से दिशानिर्देश जारी किए हैं.

 



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Viral Video Elephant finds its way to cross solar fence Raveena Tandon Gives Epic Reaction – कांटों की फेंसिंग को पार करने के लिए हाथी ने लगाया गजब का जुगाड़, देख एक्ट्रेस ने दिया मजेदार रिएक्शन

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Viral Video Elephant finds its way to cross solar fence Raveena Tandon Gives Epic Reaction – कांटों की फेंसिंग को पार करने के लिए हाथी ने लगाया गजब का जुगाड़, देख एक्ट्रेस ने दिया मजेदार रिएक्शन


Viral Video Elephant finds its way to cross solar fence Raveena Tandon Gives Epic Reaction – कांटों की फेंसिंग को पार करने के लिए हाथी ने लगाया गजब का जुगाड़, देख एक्ट्रेस ने दिया मजेदार रिएक्शन

कांटों की फेंसिंग को पार करने के लिए हाथी ने लगाया गजब का जुगाड़ – देखें मजेदार Video

हाथी (Elephant) दुनिया के सबसे बुद्धिमान जानवरों में से एक हैं और इंटरनेट के दौर में एक वीडियो (Video) इस तथ्य का वैध प्रमाण है. भारतीय वन सेवा के सुशांत नंदा (Susanta Nanda) ने एक हाथी की एक छोटी सी क्लिप को शेयर किया है, उसमें हाथी ने कांटों की फेसिंग को पार (Elephant Cross Solar Fence) करने के लिए गजब का जुगाड़ किया. सोशल मीडिया (Social Media) पर वीडियो तेजी से वायरल (Viral Video) हो रहा है. बॉलीवुड एक्ट्रेस रवीना टंडन (Raveena Tandon) ने भी इस पर गजब का रिएक्शन दिया है.

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घास के मैदान में हाथी को देखा गया. वो कांटों की फेंसिंग के पास चल रहा था. फेंसिंग को पार करने के लिए हाथी ने गजब का जुगाड़ लगाया. वो नीचे बैठ गया और फेंसिंग को पार कर लिया. 

सुशांत नंदा ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ‘इसमें प्रकृति को शामिल करना मुश्किल है. हाथी ने सौर बाड़ को पार करने के लिए अपनी खुद की शैली तैयार की.’

देखें Video:

इस वीडियो को 4 मई को शेयर किया गया था, जिसके अब तक 25 हजार से ज्यादा व्यूज हो चुके हैं. साथ ही 2 हजार से ज्यादा लाइक्स और 300 से ज्यादा रि-ट्वीट्स हो चुके हैं. लोगों को यह वीडियो काफी पसंद आ रहा है. बॉलीवुड एक्ट्रेस रवीना टंडन ने कमेंट सेक्शन में लिखा, ‘अमेजिंग’. उनके साथ-साथ अन्य लोगों ने भी मजेदार कमेंट किेए हैं. आइए नजर डालते हैं…





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Frogs married off in Tripura to please rain god see viral video – दूल्हा-दुल्हन बने मेंढक और मेंढकी, पूरे रीति-रिवाज़ से हुई शादी, दोनों ने ऐसे निभाईं सारी रस्में

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Frogs married off in Tripura to please rain god see viral video – दूल्हा-दुल्हन बने मेंढक और मेंढकी, पूरे रीति-रिवाज़ से हुई शादी, दोनों ने ऐसे निभाईं सारी रस्में


Frogs married off in Tripura to please rain god see viral video – दूल्हा-दुल्हन बने मेंढक और मेंढकी, पूरे रीति-रिवाज़ से हुई शादी, दोनों ने ऐसे निभाईं सारी रस्में

दूल्हा-दुल्हन बने मेंढक और मेंढकी, पूरे रीति-रिवाज़ से हुई शादी, दोनों ने ऐसे निभाईं सारी रस्में

त्रिपुरा:

हमारे देश अलग-अलग राज्यों में विभिन्न तरह की संस्कृतियां और रीति-रिवाज हैं. देश में बहुत सी अलग-अलग प्रथाएं प्रचलित हैं. जैसे अलग-अलग धर्मों के अलग-अलग रीति-रिवाज होते हैं, वैसे ही अलग-अलग राज्यों में बहुत सी अलग मान्यताएं भी प्रचलित हैं. जिनमें से एक परंपरा है बारिश को लेकर. हमारे देश के कुछ हिस्सों में ऐसी मान्यता है कि बारिश के देवता को खुश करने पर वो बारिश करते हैं. जिसके लिए एक रस्म में त्रिपुरा (Tripura) में गांव के लोग मेंढकों की शादी (Frogs marriage) करते हैं.

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मानसून की शुरुआत से पहले उत्तरपूर्वी इलाकों में मेढकों की पूरे रीति-रिवाज से शादी कराई जाती है, जिससे बारिश के देवता खुश हों और बारिश समय से हो. ऐसी मान्यता है कि मेंढकों की शादी से बारिश के देवता वरुण प्रसन्न हो जाते हैं. शादी में मेंढकों को पूरी तरह से सजाकर पारंपरिक कपड़े पहनाए जाते हैं और पूरे रीति-रिवाज के साथ उनकी शादी कराई ती है.

देखें Video:

वीडियो में आप देख सकते हैं कि एक महिला ने दूल्हे मेंढक को पकड़ रखा है और दूसरी ने दुल्हन मेंढकी को पकड़ा है. महिला दूल्हे को पकड़कर दूल्हन की मांग में सिंदूर भरवा रही है. शादी में तालाब में स्नान करने के बाद नए कपड़े पहनाकर दोनों मेंढकों के बीच जयमाला भी डलवाई गयी. बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं है कि भारत में मेंढकों की शादी हुई हो. हर साल वरुण देवता को प्रसन्न करने के लिए असम, त्रिपुरा समेत कई राज्यों में मेढकों की शादी कराई जाती है.





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oxygen shortage supreme court hearing live updates center says enough stock in delhi hospitals – ऑक्सीजन संकट पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, केंद्र ने कहा- दिल्ली के अस्पतालों में पर्याप्त स्टॉक

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oxygen shortage supreme court hearing live updates center says enough stock in delhi hospitals – ऑक्सीजन संकट पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, केंद्र ने कहा- दिल्ली के अस्पतालों में पर्याप्त स्टॉक


oxygen shortage supreme court hearing live updates center says enough stock in delhi hospitals – ऑक्सीजन संकट पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, केंद्र ने कहा- दिल्ली के अस्पतालों में पर्याप्त स्टॉक

केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि दिल्ली के अस्पतालों के पास पर्याप्त ऑक्सीजन है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

सुप्रीम कोर्ट में ऑक्सीजन संकट को लेकर सुनवाई हो रही है. आज सुनवाई के दौरान केंद्र ने कोर्ट में कहा है कि उसके सर्वे के मुताबिक फिलहाल दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सीजन का जरूरी स्टॉक मौजूद है. ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेन से आज 280 मीट्रिक टन ऑक्सीजन आ रही है. केंद्र ने कहा कि दिल्ली की जरूरत 700 मीट्रिक टन नहीं है. अगर ये दिल्ली में सप्लाई करते रहे तो दूसरे राज्य अभाव में रहेंगे. सरकार ने बताया कि दिल्ली के 56 प्रमुख अस्पतालों में किए गए सर्वेक्षण से पता चला है कि उनके पास पर्याप्त स्टॉक है.

केंद्र ने सुनवाई को दौरान कहा कि ऑक्सीजन ऑडिट की जरूरत है क्योंकि सप्लाई हो रही है लेकिन लोगों तक नहीं पहुंच रही है, तो इसका मतलब कुछ केंद्र और कुछ दिल्ली के हिस्से में गड़बड़ है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ‘हमें मुद्दे को अखिल भारतीय स्तर पर देखने की जरूरत है. ऑक्सिजन का ऑडिट जरूरी है. एक बार स्टॉक जारी होने के बाद क्या जवाबदेही है.’

Live Updates on Supreme Court Hearing : 

कोर्ट ने केंद्र से पूछे सवाल

केंद्र ने कहा कि कुछ बड़े अस्पतालों को छोड़कर बाकी अस्पतालों में सिलेंडर होते हैं, वहां स्टोरेज 12 घंटे का ही होता है. ऐसे में वो संदेश भेजते हैं. इसपर जस्टिस शाह ने कहा, ‘लेकिन जब अस्पताल कहते हैं कि ऑक्सीजन खत्म हो रही है तो लोगों के मन में डर होता है. केंद्र ने जवाब में कहा कि ‘क्षमता भले 478 मिट्रिक टन की हो लेकिन औसत खपत 290 मिट्रिक टन है. हमने इस कोविड संकट के समय सप्लाई दोगुनी से ज्यादा कर दी है. टैंकर्स के अलावा सिलेंडर भी भेजे जा रहे हैं.’

इस पर जस्टिस शाह ने कहा कि ‘जब आप ये दावे कर रहे हैं तो कई बड़े बड़े अस्पताल अदालतों में गुहार क्यों  लगा रहे हैं कि हमारे पास दो या तीन घंटों का ऑक्सीजन ही रह गया है?’

केंद्र ने कहा कि ‘ऑक्सीजन ऑडिट की जरूरत है. सप्लाई हो रही है लेकिन लोगों तक नहीं पहुंच रही है तो इसका मतलब कुछ केंद्र और कुछ दिल्ली के हिस्से में गड़बड़ है.’

Oxygen Shortage : 

स्वास्थ्य मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव सुमिता डावरा ने बताया कि कुल क्रायोजेनिक टैंकर के 53 फीसदी को दिल्ली सप्लाई के लिए ही लगाया गया है.  6 कंटेनर्स भी लगाए गए हैं. अगले कुछ दिनों में इनकी संख्या 24 हो जाएगी. इनमें भरे हुए और वापस प्लांट तक जाने वाले केंटेनर्स भी शामिल रहेंगे. 56 मुख्य अस्पतालों में 478 मिट्रिक टन ऑक्सीजन की भंडार क्षमता है. एसजी ने कहा कि इसका मतलब यह नही है कि ये क्षमता हमेशा भरी या खाली रहती है, स्टॉक रहता है.

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को ऑक्सीज़न के बफर स्टॉक को लेकर सवाल उठाया 

शीर्ष अदालत ने कहा कि ‘ज्यादातर अस्पताल SOS कॉल दे रहे हैं कि उनके यहां एक घंटे या दो घण्टे की ऑक्सीज़न बची हुई है. ऑक्सीजन के बफर स्टॉक को सुनिश्चित किया जाना चाहिए. पिछले आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने बफर स्टॉक बनाने को कहा था उसको लेकर केंद्र सरकार ने क्या किया?’

SC Hearing on oxygen shortage : 

केंद्र ने कहा कि ‘अब दिल्ली में ऑक्सीज़न की अतिरिक्त आपूर्ति है और यह स्टॉक को अनलोड करने और फिर से भरने के लिए समय ले रहा है, अब दूसरे राज्यों से ऑक्सीज़न की मांग उठने लगी है. अगर हम सिर्फ दिल्ली को ऑक्सीज़न देने में लगे रहे तो दूसरे राज्यों को नहीं दे पाएंगे. दिल्ली में 700 के लिए वास्तविक रूप से सही स्थिति नहीं है. इसकी पूर्ति करने से दूसरे राज्य मे दिक्कत आएगी.’



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