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UPSC CMS Exam 2021: Combined Medical Services Exam 2021 Notification has Postponed

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UPSC CMS Exam 2021: Combined Medical Services Exam 2021 Notification has Postponed


UPSC CMS Exam 2021: Combined Medical Services Exam 2021 Notification has Postponed

UPSC: कंबाइंड मेडिकल सर्विस एग्जाम का नोटिफिकेशन आज नहीं होगा जारी.

नई दिल्ली:

UPSC CMS Exam 2021:  कंबाइंड मेडिकल सर्विस (CMS) परीक्षा 2021 की अधिसूचना आज जारी नहीं की जाएगी. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने जानकारी दी है कि 5 मई को जारी होने वाली कंबाइंड मेडिकल सर्विस एग्जाम 2021 की आधिकारिक अधिसूचना स्थगित कर दी गई है. हालांकि, आयोग ने परीक्षा की तारीख में कोई बदलाव नहीं किया है. यूपीएससी के परीक्षा कैलेंडर के अनुसार, परीक्षा 29 अगस्त को आयोजित की जाएगी.

यूपीएससी ने अपनी वेबसाइट पर नोटिफिकेशन जारी कर बताया है, “संयुक्त चिकित्सा सेवा परीक्षा 2021 को 05-05-2021 को अधिसूचित किया जाना था, जिसे अगली सूचना तक स्थगित कर दिया गया है.”

आयु सीमा

परीक्षा में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों की ऊपरी आयु सीमा 32 वर्ष है.

पहले चरण में, कंप्यूटर आधारित परीक्षा आयोजित की जाएगी. कंप्यूटर आधारित परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले उम्मीदवार इंटरव्यू के लिए उपस्थित होंगे. कंप्यूटर आधारित टेस्ट में दो पेपर होंगे, जिनमें प्रत्येक पेपर 250 अंक के लिए होगा. पर्सनालिटी टेस्ट कुल 100 अंकों के लिए होगा.

बता दें कि एमबीबीएस उम्मीदवारों के लिए संयुक्त चिकित्सा सेवा परीक्षा का आयोजन विभिन्न पदों पर रिक्तियों को भरने के लिए किया जाता है- केंद्रीय स्वास्थ्य सेवा में जूनियर स्केल पद, रेलवे में सहायक संभागीय चिकित्सा अधिकारी, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद में जनरल ड्यूटी मेडिकल ऑफिसर, पूर्वी दिल्ली नगर निगम में,  उत्तरी दिल्ली नगर निगम और दक्षिण दिल्ली नगर निगम में जनरल ड्यूटी मेडिकल ऑफिसर ग्रेड- II.



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Frogs married off in Tripura to please rain god see viral video – दूल्हा-दुल्हन बने मेंढक और मेंढकी, पूरे रीति-रिवाज़ से हुई शादी, दोनों ने ऐसे निभाईं सारी रस्में

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Frogs married off in Tripura to please rain god see viral video – दूल्हा-दुल्हन बने मेंढक और मेंढकी, पूरे रीति-रिवाज़ से हुई शादी, दोनों ने ऐसे निभाईं सारी रस्में


Frogs married off in Tripura to please rain god see viral video – दूल्हा-दुल्हन बने मेंढक और मेंढकी, पूरे रीति-रिवाज़ से हुई शादी, दोनों ने ऐसे निभाईं सारी रस्में

दूल्हा-दुल्हन बने मेंढक और मेंढकी, पूरे रीति-रिवाज़ से हुई शादी, दोनों ने ऐसे निभाईं सारी रस्में

त्रिपुरा:

हमारे देश अलग-अलग राज्यों में विभिन्न तरह की संस्कृतियां और रीति-रिवाज हैं. देश में बहुत सी अलग-अलग प्रथाएं प्रचलित हैं. जैसे अलग-अलग धर्मों के अलग-अलग रीति-रिवाज होते हैं, वैसे ही अलग-अलग राज्यों में बहुत सी अलग मान्यताएं भी प्रचलित हैं. जिनमें से एक परंपरा है बारिश को लेकर. हमारे देश के कुछ हिस्सों में ऐसी मान्यता है कि बारिश के देवता को खुश करने पर वो बारिश करते हैं. जिसके लिए एक रस्म में त्रिपुरा (Tripura) में गांव के लोग मेंढकों की शादी (Frogs marriage) करते हैं.

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मानसून की शुरुआत से पहले उत्तरपूर्वी इलाकों में मेढकों की पूरे रीति-रिवाज से शादी कराई जाती है, जिससे बारिश के देवता खुश हों और बारिश समय से हो. ऐसी मान्यता है कि मेंढकों की शादी से बारिश के देवता वरुण प्रसन्न हो जाते हैं. शादी में मेंढकों को पूरी तरह से सजाकर पारंपरिक कपड़े पहनाए जाते हैं और पूरे रीति-रिवाज के साथ उनकी शादी कराई ती है.

देखें Video:

वीडियो में आप देख सकते हैं कि एक महिला ने दूल्हे मेंढक को पकड़ रखा है और दूसरी ने दुल्हन मेंढकी को पकड़ा है. महिला दूल्हे को पकड़कर दूल्हन की मांग में सिंदूर भरवा रही है. शादी में तालाब में स्नान करने के बाद नए कपड़े पहनाकर दोनों मेंढकों के बीच जयमाला भी डलवाई गयी. बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं है कि भारत में मेंढकों की शादी हुई हो. हर साल वरुण देवता को प्रसन्न करने के लिए असम, त्रिपुरा समेत कई राज्यों में मेढकों की शादी कराई जाती है.





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oxygen shortage supreme court hearing live updates center says enough stock in delhi hospitals – ऑक्सीजन संकट पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, केंद्र ने कहा- दिल्ली के अस्पतालों में पर्याप्त स्टॉक

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oxygen shortage supreme court hearing live updates center says enough stock in delhi hospitals – ऑक्सीजन संकट पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, केंद्र ने कहा- दिल्ली के अस्पतालों में पर्याप्त स्टॉक


oxygen shortage supreme court hearing live updates center says enough stock in delhi hospitals – ऑक्सीजन संकट पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, केंद्र ने कहा- दिल्ली के अस्पतालों में पर्याप्त स्टॉक

केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि दिल्ली के अस्पतालों के पास पर्याप्त ऑक्सीजन है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

सुप्रीम कोर्ट में ऑक्सीजन संकट को लेकर सुनवाई हो रही है. आज सुनवाई के दौरान केंद्र ने कोर्ट में कहा है कि उसके सर्वे के मुताबिक फिलहाल दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सीजन का जरूरी स्टॉक मौजूद है. ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेन से आज 280 मीट्रिक टन ऑक्सीजन आ रही है. केंद्र ने कहा कि दिल्ली की जरूरत 700 मीट्रिक टन नहीं है. अगर ये दिल्ली में सप्लाई करते रहे तो दूसरे राज्य अभाव में रहेंगे. सरकार ने बताया कि दिल्ली के 56 प्रमुख अस्पतालों में किए गए सर्वेक्षण से पता चला है कि उनके पास पर्याप्त स्टॉक है.

केंद्र ने सुनवाई को दौरान कहा कि ऑक्सीजन ऑडिट की जरूरत है क्योंकि सप्लाई हो रही है लेकिन लोगों तक नहीं पहुंच रही है, तो इसका मतलब कुछ केंद्र और कुछ दिल्ली के हिस्से में गड़बड़ है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ‘हमें मुद्दे को अखिल भारतीय स्तर पर देखने की जरूरत है. ऑक्सिजन का ऑडिट जरूरी है. एक बार स्टॉक जारी होने के बाद क्या जवाबदेही है.’

Live Updates on Supreme Court Hearing : 

कोर्ट ने केंद्र से पूछे सवाल

केंद्र ने कहा कि कुछ बड़े अस्पतालों को छोड़कर बाकी अस्पतालों में सिलेंडर होते हैं, वहां स्टोरेज 12 घंटे का ही होता है. ऐसे में वो संदेश भेजते हैं. इसपर जस्टिस शाह ने कहा, ‘लेकिन जब अस्पताल कहते हैं कि ऑक्सीजन खत्म हो रही है तो लोगों के मन में डर होता है. केंद्र ने जवाब में कहा कि ‘क्षमता भले 478 मिट्रिक टन की हो लेकिन औसत खपत 290 मिट्रिक टन है. हमने इस कोविड संकट के समय सप्लाई दोगुनी से ज्यादा कर दी है. टैंकर्स के अलावा सिलेंडर भी भेजे जा रहे हैं.’

इस पर जस्टिस शाह ने कहा कि ‘जब आप ये दावे कर रहे हैं तो कई बड़े बड़े अस्पताल अदालतों में गुहार क्यों  लगा रहे हैं कि हमारे पास दो या तीन घंटों का ऑक्सीजन ही रह गया है?’

केंद्र ने कहा कि ‘ऑक्सीजन ऑडिट की जरूरत है. सप्लाई हो रही है लेकिन लोगों तक नहीं पहुंच रही है तो इसका मतलब कुछ केंद्र और कुछ दिल्ली के हिस्से में गड़बड़ है.’

Oxygen Shortage : 

स्वास्थ्य मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव सुमिता डावरा ने बताया कि कुल क्रायोजेनिक टैंकर के 53 फीसदी को दिल्ली सप्लाई के लिए ही लगाया गया है.  6 कंटेनर्स भी लगाए गए हैं. अगले कुछ दिनों में इनकी संख्या 24 हो जाएगी. इनमें भरे हुए और वापस प्लांट तक जाने वाले केंटेनर्स भी शामिल रहेंगे. 56 मुख्य अस्पतालों में 478 मिट्रिक टन ऑक्सीजन की भंडार क्षमता है. एसजी ने कहा कि इसका मतलब यह नही है कि ये क्षमता हमेशा भरी या खाली रहती है, स्टॉक रहता है.

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को ऑक्सीज़न के बफर स्टॉक को लेकर सवाल उठाया 

शीर्ष अदालत ने कहा कि ‘ज्यादातर अस्पताल SOS कॉल दे रहे हैं कि उनके यहां एक घंटे या दो घण्टे की ऑक्सीज़न बची हुई है. ऑक्सीजन के बफर स्टॉक को सुनिश्चित किया जाना चाहिए. पिछले आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने बफर स्टॉक बनाने को कहा था उसको लेकर केंद्र सरकार ने क्या किया?’

SC Hearing on oxygen shortage : 

केंद्र ने कहा कि ‘अब दिल्ली में ऑक्सीज़न की अतिरिक्त आपूर्ति है और यह स्टॉक को अनलोड करने और फिर से भरने के लिए समय ले रहा है, अब दूसरे राज्यों से ऑक्सीज़न की मांग उठने लगी है. अगर हम सिर्फ दिल्ली को ऑक्सीज़न देने में लगे रहे तो दूसरे राज्यों को नहीं दे पाएंगे. दिल्ली में 700 के लिए वास्तविक रूप से सही स्थिति नहीं है. इसकी पूर्ति करने से दूसरे राज्य मे दिक्कत आएगी.’



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coronavirus cases increasing in paramilitary forces 687 cases reported in the last 24 hours – अर्धसैनिक बलों में भी बढ़ रहा कोरोना का खतरा, पिछले 24 घंटों में 687 केस आए सामने

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coronavirus cases increasing in paramilitary forces 687 cases reported in the last 24 hours – अर्धसैनिक बलों में भी बढ़ रहा कोरोना का खतरा, पिछले 24 घंटों में 687 केस आए सामने

अर्द्ध सैनिक बलों में भी बढ़ रहा है कोरोना का खतरा.

नई दिल्ली:

देशभर में कोरोना का कहर लगातार जारी है. कोरोना की दूसरी लहर पहली से भी अधिक जानलेवा साबित हो रही है. आम लोग हों या फिर खास, हर कोई कोरोना की चपेट में आ रहा है. देश के अर्धसैनिक बलों में भी कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. पिछले 24 घंटे में अर्धसैनिक बलों में कोरोना के 687 केस सामने आए हैं.

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जानकारी के मुताबिक, सबसे अधिक बीएसएफ में कोविड के 198 मामले सामने आ चुके हैं. इसके अलावा सीआरपीएफ में 181, सीआईएसएफ में 171, एसएसबी में 101, आईटीबीपी में 28, एनडीआरएफ में 06 और एनएसजी में कोरोना के 02  मामले सामने आए हैं. 

पैरामिलिट्री फोर्स में कोरोना के कुल एक्टिव मामलों की तादाद 8,145 है. वहीं, अब तक 248 जवानों की कोरोना की वजह से मृत्यु हो चुकी है.

6 मई को देश में कोरोना के अब तक के सबसे ज्यादा केस

देश में कोरोनावायरस का कहर बढ़ता ही जा रहा है. गुरुवार यानी 6 मई, 2021 को देश में अब तक के सबसे ज्यादा नए मामले दर्ज किए गए हैं. देश में पिछले 24 घंटे में अब तक के सर्वाधिक 4,12262 नए मामले सामने आए हैं और इस अवधि में 3980 की मौतें हुई हैं. मौतों की संख्या भी अबतक की सबसे ज्यादा है. इसके साथ देश में कोरोना के कुल मामलों की संख्या 2,10,77,410 हो गई है. वहीं मरने वालों की कुल संख्या 23,01,68 हो गई है.



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